Spouse · Hindi

bhabhi

Completed | Part 1 of 2 | 2 Likes

Part 1

जंगल में छुट्टिया बिताने के लिए कुछ स्कूल वालो ने कैंपिंग का प्रोग्राम रखा। जिस में सागर भी था। सागर बात बात में मज़ाक करने वाला और सब के साथ मिलजुल के रहने वाला लड़का था। जिस जंगल में वो कैंप था वहां की जनजाति काफी मिलान सार थी। वो कबीला जादू भी जानता था। वहा का वो सबसे बड़ा जनजाति कबीला था। उस जनजाति के मुखिया ने अपने यहां दावत पर सब को बुलाया। मुखिया के दो बेटे व एक बेटी थी। जो बहुत खूबसूरत थी। वहा का रिवाज था पहले बेटे की शादी होगी फिर बेटी की। मुखिया का बेटा जिस को भी चुनेगा वो ही उस की बीवी बनेगी। दावत थी उस के बड़े बेटे की शादी के लिए हां करने के लिए, अब उस के लिए लड़की देखनी थी। सभी छात्र व छात्राये एवं अध्यापक भोजन कर रहे थे। इतने में उस जनजाति के मुखिया और उस का बड़ा बेटा उन को देखने आये। सागर ने मज़ाक में कहा यार ये कबीला बहुत अच्छा है पर ये जादू कैसे करता है। खाना बहुत अच्छा है क्यों न हम भी इन के मुखिया को और इन के बड़े बेटे को खाने पर बुलाये।बाकी टीचर ने बोलै कि खाना कोण बनाये गा सागर ने कहा कि मै बनादुँगा। सब ने ओके कहा और मुखिया जी को २ दिन बाद का निमतरण दे दिया । कबीले की मान्यता थी कि महिलाये ही घर में खाना बनाती है। अगर किसी पुरुष को उस के हाथ का बना हुआ खाना पसंद आगया और यदि वो कुवारी है तब उसे उस पुरुष से विवाह करना होगा ,और उस की पत्नी बन के उस का घर संभालना होगा। ये बात सागर को नहीं पता थी।
दो दिन बाद मुखिया और उस का बड़ा बेटा उस कैंप में आये सागर ने दाल मखनी आलू के पराठे और रायता बनाया और परोसा। जो मुखिया के बड़े बेटे को बहुत अच्छा लगा। मुखिया के बेटे ने पूछा ये खाना किस ने बनाया है। सब ने सागर का नाम लिया। मुखिया के बेटे ने सागर को देखा और पूछा क्या ये खाना आपने बनाया है। सागर ने हां कहा। मुखिया का बेटा उस समय तो कुछ नहीं कहा। वो चुप चाप खाने की बड़ाई करके वापिस आगया। लकिन अब उस के दिमाग में एक ही नाम चल रहा था सागर। घर वापिस आ के उसने अपने पिता जी से बात की कि मुझे अब जो शादी करनी है वो मै सागर से करुगा। उस के पिताजी जो मुखिया थे उन होने कहा बेटा वो लड़का है न की लड़की। तुम उस से शादी क्यों करना चाहते हो। मुखिया का बेटा बोला कि मुझे अब उसी के हाथ से बना हुआ खाना खाना है। मुखिया और उस के बेटे ने एक योजना बनाई। पहले उस सागर से दोस्ती करते है। उसे घर बुलाते है और धीरे धीरे उसे यहां की आदत डलवाते है और उसे फिर लड़की बनाते है और तुम्हारी शादी उस से करवा देंगे। मुखिया का नाम शाना था , उस के बड़े बेटे का नाम राका था, छोटे बेटे का नाम हरम था , और बेटी का नाम रूही था। शाना : राका तुम अपनी दोस्ती उस सागर से कर लो और उस के ग्रुप को जाने दो। उसी शाम राका सागर के ग्रुप को जंगल में घुमाने गया। वहां राका ने सागर को बताया कि इस जंगल में रहना कितना मुश्किल है। हमारे यहां टास्क रखे जाते है जिस में कुछ बाहर के लोग हमारे कबीले के साथ मिल के पूरा करते हैं । क्या तुम्हारा ग्रुप इस में दिलचस्पी रखता है। सागर ने कहा औरो का तो पता नहीं मुझे दिलचस्पी है। राका : तब मै अपने पिताजी से अनुमती ले कर एक टास्क तुम्हारे लिए रखवा देता हूँ। सागर : ठीक है। राका ने सागर के साथ टास्क रखा कि 20 दिन तक राका और सागर को जंगल में बिना कपड़ो और हथियारों के एक साथ रहना है और वो जंगल के उपयोग से कोई भी हथियार बना सकते है, लकिन रहना साथ होगा। सागर के ग्रुप ने कहा कि हमे कल जाना है सागर बाद में आ जायेगा।सागर ने भी कहा ठीक है। शाना और राका का पहला काम पूरा होगया था। सागर अपने ग्रुप से अलग होगया था। अगले दिन सागर शाना के कबीले में आ कर रहने लगा। शाना ने कहा कि जब तुम यहां रहने लगे हो तो यहां के नियम भी मान ने होंगे। सागर ने कहा ठीक है।
शाना : तुम्हे खाना बनाना आता है। तो आज से तुम हमारे यहां की लड़कियों वाली ड्रेस पहनोगे और राका के लिए खाना बनाओगे। सागर ने पूछा लड़कियों वाली ड्रेस क्यों ? शाना : क्यों की यहां खाना लड़कियां ही बनाती है। इस लिए तुम्हे अब से लड़कियों वाली ड्रेस ही पहनने को मिले गई। सागर : ठीक है। तुम्हे शाका के साथ वाली झोपड़ी दी जाती है। क्यों की तुम टास्क पर शाका के साथ जा रहे हो। तुम्हे हमारे यहां की लड़कियां टास्क पर जाने के लिए तैयार कर देंगी। सागर ने कुछ नहीं कहा और हां में सर हिला दिया।
फिर सागर को शाका के साथ वाली झोपडी में लेजाया गया। वहा उस का स्वागत शाका की बहन रूही ने किया। रूही : आओ सागर आज से ये तुम्हारी झोपड़ी है। सब से पहले तुम्हे स्नान करना है। फिर ये लेप अपने शरीर पर लगाना है। फिर हम तुम्हे सजायेंगे। क्यों की कल तुम्हे टास्क पर जो जाना है। सागर: ठीक है। सागर चलो नहा लिया जाए। सागर जब उस पानी से नहाया तो उस के सिर के बालो को छोड़ कर बाकी सभी बाल उतर गए। उस पानी में कुछ जड़ीबूटी डाली गई थी। अब सागर का शरीर बिलकुल वैसा था जैसा लड़कियों का वैक्सिंग के बाद होता है। फिर सागर को शाका के साथ वाली झोपडी में लेजाया गया। वहा उस का स्वागत शाका की बहन रूही ने किया। रूही : आओ सागर आज से ये तुम्हारी झोपड़ी है। सब से पहले तुम्हे स्नान करना है। फिर ये लेप अपने शरीर पर लगाना है। फिर हम तुम्हे सजायेंगे। क्यों की कल तुम्हे टास्क पर जो जाना है। सागर: ठीक है। सागर चलो नहा लिया जाए। सागर जब उस पानी से नहाया तो उस के सिर के बालो को छोड़ कर बाकी सभी बाल उतर गए। उस पानी में कुछ जड़ीबूटी डाली गई थी। अब सागर का शरीर बिलकुल वैसा था जैसा लड़कियों का वैक्सिंग के बाद होता है। यानी चिकना ,
फिर रूही ने एक लेप ला के दिया। सागर ने पूछा इस लेप से क्या होगा। रूही : इस से तुम्हे जंगल में मच्छर नहीं काटेंगे कीड़े या कीट तुमसे दूर रहेंगे। सागर ने वो लेप लगा लिया। रूही :अब शृंगार की बारी। रूही ने वहा पर जो लड़कियों का शृंगार होता है वो करना शरू किया।
1 बालो में कंघी 2 चहरे पर फेस पाउडर और कुछ लाल पाउडर लगाया फिर दोनों कान छेद दिए और कुण्डल पहना दिए। 3 नाक भी छेद दिया और छोटी सी नोज़पिन पहनाई। लिपस्टिक भी होंठो पर लगाई। हाथो में कड़े पहनाये। पैरो में पायल और बिछुवे पहनाये और रूही बोली आप को सुबह तक ऐसे ही रहना है और सुबह राका के साथ जंगल जाना है। रूही :सागर तुम्हे सुबह खुद खाना बनाना है ,सुबह सूरज उगने से पहले उठना है ,और इस पानी से स्नान करना है। सागर :क्या सुबह मुझे आइना मिल जाएगा। रूही हां जरूर।

अगली सुबह
सागर समय पर जग गया ,सब के लिए उस ने खाना बनाया फिर स्नान किया जिस से उस की त्वचा और मुलायम हो गई। रूही उस से मिलने उस की झोपडी में आई।
रूही : सागर आओ तुम्हे तैयार करदू
सागर : आज मुझे कोनसी ड्रेस पहननी है।
रूही ने एक घागरा चोली दिया।
जिसे सागर ने पहन लिया।
फिर रूही उसे एक अलग झोपडी में ले गई।
वहा सागर को दुल्हन की तरह सजाया गया।
अगली सुबह
सागर समय पर जग गया ,सब के लिए उस ने खाना बनाया फिर स्नान किया जिस से उस की त्वचा और मुलायम हो गई। रूही उस से मिलने उस की झोपडी में आई।
रूही : सागर आओ तुम्हे तैयार करदू
सागर : आज मुझे कोनसी ड्रेस पहननी है।
रूही ने एक घागरा चोली दिया।
जिसे सागर ने पहन लिया।
फिर रूही उसे एक अलग झोपडी में ले गई।
वहा सागर को दुल्हन की तरह सजाया गया और शाका के लिए एक मंच बनाया गया था। जिस पर 2 कुर्सी थी। जिस पर एक पर शाका बैठा था और दूसरे पर सागर।
जैसे कोई शादी का फंक्शन हो। फिर दोनों को अशोक के पत्तो की माला दी गई। दोनों ने एक दूसरे को पहनाई।
सागर : शाका ये माला क्यों पहनाइ।
शाका : सागर ये यहां का रिवाज है।
सागर : अच्छा
सागर को नहीं पता था की उस की शादी शाका से करादि गई है। वो भी एक पत्नी के रूप में।
फिर दोनों को जंगल की और रवाना कर दिया गया।
जंगल में : सागर हम कहा जा रहे है। शाका : जंगल के बीच में वहा एक नदी है। उस के पास हम रहेगे।
नदी के पास पहुंच कर।
शाका : सागर नदी को प्रणाम करो।
सागर ने नदी को प्रणाम किया।
शाका ने एक झोपडी बनाई।
उस में दोनों रहने लगे।
शाका : सागर को रोज एक जड़ी बूटी खाने दो देता। और जंगल के कुछ फल जो उसी जंगल में मिलते थे।
धीरे धीरे सागर का शरीर एक लड़की के शरीर में बदलने लगा। सागर इन 20 दिनों में बहुत बदल गया था। उस की भावनाये अब एक लड़की की थी और अब शरीर भी लड़की का बनगया था। शाका ने उसे एक नया नाम दिया विद्या।
अब सागर नहीं विद्या बन गया था।
शाका : विद्या मै तुम से बहुत प्यार करय हूँ।
विद्या : मै भी शाका
आओ और मुझे पूरा अपना बनालो
शाका : वो दोनों जलती लकड़ियों के पास बैठे थे , विद्या का फिगर ३६*२८*३६ होगया था। अब वो सागर नहीं विद्या थी।
फिर वो वापिस दोनों अपने कबीले आये।
जहा दोनों का स्वगत शाना ने किया। सागर पूरीतरह से लड़की बन चूका था। और राका के बिना नहीं रह सकता था।
तब राका ने उसे अपनी झोपडी में बुलाया और उस के माथे पर सिंदूर लगाया
बाहर आके सब से कहा आज से विद्या मेरी पत्नी है।
सब खुश होगये।
रूही : विद्या को फिर से अलग झोपड़ी में ले गई। उसे फिर दुल्हन की तरह सजाया। और राका के पास ले गई।
विद्या अब शाना के घर की बहू बन गई थी और राका की पत्नी।

6998 Views 1 Comments
Disclaimer

CD Stories is a multilingual open platform. Stories published are generated by writers. The platform has not reviewed, modified, or validated contents and holds no liability regarding content quality or copyright infringements.

Discussion (1)

Lovelypri
Lovelypri 10 months, 1 week ago

Nice

Want to comment? Please Login or Sign Up.
Reading preferences
100%
Home Discover 0 Alerts Writers Login