ससुराल में विद्या का स्वागत
ससुराल में नई बहू का स्वागत भारतीय संस्कृति का एक बहुत ही प्यारा और महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे यादगार और खुशनुमा बनाने के लिए गृह प्रवेश, मुंह दिखाई, और पहली रसोई जैसी रस्में की जाती हैं, जो परिवार में उनके सुखद जीवन की शुरुआत का प्रतीक हैं।
इस स्वागत को और भी खास बनाने के लिए इन मुख्य बातों पर ध्यान दिया जा सकता है:
• गृह प्रवेश की रस्म: बहू का पारंपरिक तरीके से कलश रखकर, चावल गिराकर और घर में प्रवेश करने के साथ स्वागत किया जाता है।
• पहला उपहार: परिवार की ओर से उन्हें कोई प्यारा सा शगुन या उपहार देकर स्नेह जताया जाता है।
• मुंह दिखाई: परिवार के सभी सदस्य बहू का आशीर्वाद देते हैं और उनका परिचय एक-दूसरे से कराया जाता है।
• पहली रसोई: बहू द्वारा कुछ मीठा (जैसे हलवा या खीर) बनाकर रसोई में प्रवेश करने की रस्म होती है, जिससे घर में मिठास और बरकत की कामना की जाती है।
• विद्या घबराई हुई थी। वो डोली से अपने पति सोनू के साथ गाड़ी से उतरी और घर की तरफ बढ़ती है । पहला काम गृहप्रवेश। सोनू और विद्या दोनों घर के मुख्य दरवाजे पर पहुते है . वहाँ पर स्वागत विद्या की सास सुनीता जी करती है। बहू का पारंपरिक तरीके से कलश रखकर, चावल गिराकर और घर में प्रवेश करने के लिये रखती हैं। विद्या को कहती है कि विद्या कलश को बाएं पैर से गिरा दो और थाल में महावर के लाल रंग में अपने दोनों पर रखो और धीरे-धीरे अंदर आओ। विद्या को एक अलग कमरे में लेजाया जाता है। वाह विद्या का मुंह दिखाई का फंक्शन होता है। परिवार के सभी सदस्य बहू को आशीर्वाद देते हैं और उनका परिचय एक-दूसरे से कराया जाता है।मुँहदिखाई के बाद सभी परिवार के लोग बहू को उपहार देते हैं। फिर घर के देवी देवताओं की पूजा होती है और रात को जब सब विदा हो जाते है विद्या को सोनू के कमरे में सुहागरात के लिए भेज दिया जाता है।कमरे में विद्या अपने पति सोनू का इंतजार कर रही थी। उस रात सोनू काफी खुश था। सोनू ने अपने कमरे में विद्या के पास आया और बोला विद्या तुम मुझे बहुत पसंद हो। जब कहो तुम्हारी मैंने वो फोटो देखी, मैं पूरी प्रेमी हो के तुम को उसने अपना मान लिया। आज हमारी सुहागरात है। इस पे विद्या ने कहा देखो जी मुझे भी कुछ बताना है।मैं लड़की नहीं हूँ। मैं लड़का हूँ। ये सुन के सोनू खूब हस्सा। मुझे पहले बताओ पता है कि तुम सागर हो। तुम्हारे दोस्त ने मुझे सब कुछ पहले ही बता दिया था।विद्या: फिर भी तुमने मुझसे शादी क्यों की? सोनू: क्योंकि मुझे तुम पसंद थी। विद्या: क्या तुम्हारे घर वालो को पता है? सोनू: नहीं। विद्या : तो अब क्या करना है? सोनू: अब से तुम इस घर की बहू हो। और जल्दी ही मेरा तुम्हें हनीमून पर बैंकॉक घुमाने का इरादा है।वाह तुम्हारा सेक्स चेंज करके पूरी औरत बना के वापस लाऊगा और उस दिन से हमारी सुहागरात की शुरुआत होगी तब तक तुम आराम करो। सुबह मुझे तुम्हारे घर की रसोई भी संभालनी है। सुबह मैं तुम्हारी ये पहली रसोई है।
सोनू: विद्या अब तुम शर्मा परिवार की बहू हो । विद्या बहू वह होती है जो आपके बेटे से शादी करती है और परिवार की दोस्त बन जाती है।" सोनू: तुम शर्मा परिवार चेहरे पर मुस्कान ला सकती हो । ऐसा लगता है कि शर्मा परिवार अपने आस-पास के लोगों को खुश रखने का कुदरती हुनर रखती हो । विद्या आपका दिल बहुत अच्छा और प्यार से भरा है।" विद्या रिश्ते की शुरुआत सही तरीके से होना कितना ज़रूरी है। आख़िर तुम एक औरत हो तुम समझती होगी। आख़िर तुम परिवार की नई सदस्य हो। विद्या आप हमारे परिवार में आ गई हैं, तो हमारा परिवार पूरा हो गया है।अब हम दोनों पति-पत्नी हैं।अब हम दोनो पति पत्नी है। हमें मिलकर परिवार चलाना है।ये सब बातें होने के बाद सोनू और विद्या उस रात बिना कुछ किये सोगये।विद्या को सोनू पर बहुत तरस आया कि सुहागरात को वो कुछ नहीं कर पाया।
अगली सुबह विद्या जल्दी उठ गई थी।स्नान के बाद उस ससुराल में मंदिर में जाकर पहली पूजा करी।सुनीता जी ने विद्या को अपने पास बुलाया बोली बहू तुम इतनी जल्दी क्यों उठ गई।
विद्या माँ जी घर की बहू का फर्ज होता है कि वो सब कहें पहले उठ के पूजा पाठ करें। विद्या, मुझे तुमसे बात करनी है। मेरे पास बैठो। जी माँ जी
मेरी प्यारी बहू, तुम मेरी ज़िंदगी का एक खास हिस्सा हो, जिसके बिना मैं पूरी नहीं हो सकती। भगवान ने हमें आपके रूप में एक शानदार तोहफ़ा दिया है।माता-पिता के तौर पर, हमें यह देखकर खुशी होती है कि हमारा बेटा आपके साथ कितना खुश है। आप दोनों एक परफेक्ट कपल हैं। आप दोनों के बीच सच्चा प्यार और अच्छी केमिस्ट्री है। हम बहुत किस्मत वाले हैं कि हमारे बेटे ने आप जैसी पत्नी चुनी है विद्या आप हमारी बहू हैं अब जब आप हमारे परिवार में आ गई हैं, तो हमारा परिवार पूरा हो गया है। विद्या बहू प्यार भरे दिल और सुकून देने वाली बातों के लिए जानी जाती हैं। हमारे परिवार का हर सदस्य आपको एक दयालु और खूबसूरत महिला के तौर पर जानना है।
माता-पिता के तौर पर, हमें यह देखकर खुशी होती है कि हमारा बेटा आपके साथ कितना खुश है। आप दोनों एक परफेक्ट कपल हैं। आप दोनों के बीच सच्चा प्यार और अच्छी केमिस्ट्री है। हम बहुत किस्मत वाले हैं कि हमारे बेटे ने आप जैसी पत्नी चुनी है। विद्या आप भले ही आप हमारे परिवार में पैदा नहीं हुईं, लेकिन ऐसा लगता है कि आप इसी परिवार का हिस्सा बनने के लिए ही बनी हैं। हमारा बेटा बहुत किस्मत वाला है कि उसे आप जैसी शानदार पत्नी मिली। हम भी बहुत किस्मत वाले हैं कि हमें आप जैसी प्यारी बहू मिली।
आपको प्यार करना फूल तोड़ने से भी ज़्यादा आसान है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आप जैसी शानदार महिला को पसंद करने के लिए हमें ज़्यादा कोशिश नहीं करनी पड़ी। आप वही बहू हैं जिसका मुझे हमेशा से इंतज़ार था, और अब आप सच में इस परिवार का हिस्सा हैं।हमें हैरानी होती है कि आप कितनी जल्दी और आसानी से हमारे परिवार में घुल-मिल गईं। अपने बेटे के करीब रहने के लिए, मुझे उस इंसान के करीब रहना होगा जिसे उसने अपना दिल दिया है।यह हमारे लिए हैरानी की बात है कि आप कितनी जल्दी और अच्छे से हमारे परिवार में शामिल हो गईं। अगर हमारे बेटे की शादी आपसे नहीं होती तो वह कितना बदकिस्मत होता।आपने ही हमारी ज़िंदगी को खुशनुमा बनाया है। आपसे पहले, परिवार बिल्कुल बेजान था, लेकिन अब हम अपने घर के अंदर खुशी की गर्माहट महसूस कर सकते हैं।क्यू की सोनू तो हमेशा काम करता है वह सोचता है तुम कल हनीमून के लिए बैनकॉक जा रहे हो वहा सोनू को भी कुछ काम है तुम दोनों एन्जॉय करना और खूब मस्ती करना जल्दी ही मुझे खबरी सुनाना । विद्या, शर्मा के रसोई में चली गईं।उसने खाने में रोटी पनीर की सब्जी दाल सलाद व खीर बनाई।
अगले दिन विद्या और सोनू डोनो बैंकॉक निकल गए जहां विद्या का सेक्स रिपेसमेंट सर्जरी का काम पूरा हुआ। अब कहो वो एक पूरी महिला थी।
बैंकॉक से वापसी के बाद जल्द आ रहा है
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